संदीप कुमार सिंह 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक मेरी कविता प्रेरणा से भरपूर है , जरूर आपको पसन्द आयेगी 78607 0 Hindi :: हिंदी
मौत का खौफ ना कर,
बिना रुके सफर कर
कभी भी दुनिया की परवाह ना कर
बस अपने सपनों को सकार कर ।
यहा आए हो किसलिए??
खूब खाकर और पचाकर,
जाना नहीं होगा।
कुछ काम कर_नाम कर,
आने वाले पीढियों के लिए
कुछ बना कर जा,
पूर्वजों के रूप में बहुत ही,
श्रद्धा से याद किए जाओगे।
चिंटू भैया
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....