Ujjwal Kumar 18 Jun 2023 कविताएँ बाल-साहित्य Father's Day 40003 0 Hindi :: हिंदी
।। कविता ।। दुनिया में कहने वाले हजार मिलते हैं मगर सिखाने वाला पिता ही होता है सब एक समय तक साथ छोड़ जाते हैं मगर अंत तक पिता ही साथ होता है लोग कहते हैं तुझसे कुछ ना हो पाएगा तुमसे सब हो सकता है ये कहने वाला पिता होता है माना जिंदगी की किताब हमसे पढ़े नहीं जाते जो पढ़ते जी जाए वह पिता है गिरते टूटते बिखरते हुए को नजरअंदाज करते हैं मगर जो सबको एक साथ समेट के रखे वो पिता होता है ख्वाहिशें कितनी भी क्यों ना हो कुछ हासिल ना हो सब कुछ हासिल कर सकते हो या कहने वाला पिता होता है। स्वरचित रचना उज्ज्वल कुमार