कम हो गया है मरतबा इश्क़ का आज ,
जिस पर खुदा को था बहुत ज्यादा नाज़ ।
गर रहता मोईन, इश्क ए जुनून उधर अब भी सवार,
तो यूं ही ख़त्म न होजाती दुनिय� read more >>
किसी ने क्या खुब कहा है जब तक कडकती धुप से हमारे पाव ना जले तब तक हम आपने कदम छाया कि ओर जल्दी जल्दी नही बढाते हैं, ठीक उसी प्रकार जब तक जि� read more >>