// आपसे .....
खुद को हमनें ,
आप बना लिया
खुद से आपसे ,
बातें कर लिया
एक ही नजर में ,
आपको अपना लिया
आखिर ऐसी भी ,
क्या है आपमें ,
कोई खास विशेषत� read more >>
आज का समाज, भाग चार="बेहोसी" लेखक= शशीकांत सिंह दुनिया की जब शुरुआत हुई थी तो लोगो ने क्रम स: सब चीजों को धीरे धीरे किया, पहले जीवन जीन� read more >>
साहित्य लाइव के प्रति मेरा प्यार,मेरी भावनाएं कुछ इस तरह से है...जिसे मैंने एक छोटी सी कविता के रूप में पिरोया है।प्रस्तुत है...
// मेरे म� read more >>