मुखड़ा- ना लेके आया जग में ना लेकर जाना रे $
खाली हाथ आया जग मे खाली हाथ जाना रे -२ !
अंतरा -माता -पिता भाई -बहन माया के जाल रे $
बेटा -बेटी बह� read more >>
लो फिर उठा दी मैंने कलम लो फिर उठा ली मैंने कलम। जैसे घर के होते काम अनेक नहीं मन करता कि उठाऊं मैं कलम। ‌‌‌‌ लेकिन हो रहा जब जुर read more >>
चाहे किसी से शुरू करूं,
चाहे किस पे खत्म करूं,,
त्याग एवं प्रेम उन सब पर भारी होगी मां का,
भगवान को भी सोचना पड़ जाएगा तो मां गाथा मैं क्य read more >>