अब मैं भी कुछ कहना चाहती हूं अपने अंतर्मन की ,
अपने भावनाओं की ,
अपनी उलझनों की ,
अपनी परेशानियों को ,
अपनी दुविधा को ,
हर पल हर समय,
मन मे� read more >>
मंजिल का पता है न ज़माने की खबर है।
हर ग़म से अन्जान हूँ वे खौफ नज़र है।
आज जो मै खडी हूँ आप सब के सामने
ये सब मेरी माँ की दुआओं का असर है।
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गम से वाकिफ़,खुशी से अनजान हूँ !
जी रहा हूँ जिन्दगी से अनजान हूँ !!
ये गम है तो हम है
खुशी कि खुशी से
निकलेगा दम है
गम के सांये में जिन्द� read more >>
ज़िंदगी पर मत कर गरूर इतना !
दिलो से जो बेघर हो जाए !!
कुछ नहीं बुलबुला है जिंदगी !
न जाने कब ख़्वाब हो जाए !!
गर मिटे तो निशां छोड़ ऐसे !
ये � read more >>