एक वक्त था।
न चिंता थी,न गम था,
एक घर था, एक परिवार था।
जीवन का न ज्ञान था,
एक आंगन ही पूरा संसार था।
मां पिता का हाथ ही, भगवानों का साथ था� read more >>
हर घड़ी का इन्तजार खत्म कर दिजिए
,,,,,,,,,,, प्रतिभा खडेकार
हर घड़ी का इन्तजार खत्म कर दिजिए
लिजीए आंखों से सेक लिजीए
मखमले हुस्न ये तोहीन read more >>