🦋कल्याणी ( प्रेम या साजिश )❤️
🌾 प्रेम या साजिश ❤️
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दूर हट बेशर्म , बेहया। मेरी तो समाज में नाक कटवा दी है। इज्जत चली गई मेर� read more >>
माता तेरे मंदिर में
में, हार के बैठा हूं
भवानी कुछ कह दे .......
लगी बाजी जीवन की
में मझधार में बैठा हुं ......
हो....
अंबे रानी कुछ ही कह दे.....
दे� read more >>
"बेदर्द"
"वो कहते हैं,कि तुम बेदर्द हो,दर्द में रह कर भी मुस्कुराने की अदा को रखते हो,कैसे कर लेते हो ये सब,और मैं मुस्कुरा के कहता हूं,उतर read more >>