काश हम चिडिया होते
कोई बंधन न होता,
मन चाहता वो करते,
कोई रोक टोक न होता,
कभी इस डाली, कभी उस डाली,
जहा चाहत हो वही मोह फैलाते,
कोई चीख चिल read more >>
दिल की ये चाहत ना बस में मेरी,
दिन-ए-चैन बिन गुज़रे न रैन मेरी,
बता-ए-पवन इन सांसों में ख़ुशबू कैसी...
ये दिल में बसा एहसास है कैसी।।।।
-मो� read more >>