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लड़ना बढ़ना है तुझे,जीत यहां सब जंग। खुद पर हो विश्वास जब,जीने में तब रंग। यहाँ गीरते हैं सभी,बढ़ते हैं जाँबाज़ _ कल तुझ पर जो थे हसे,आज read more >>
पत्थर से प्यार किया नादान थे हम l गलती हम से हुई इंसान थे हम l आज बात तक करना नहीं चाहती है_ य़ारों कभी उसके दिलो जान थे हम ll (स्व� read more >>
शरद भूषण मोंगरा एक जाने-माने हिंदी कवि, गीतकार, लेखक और पटकथा लेखक हैं, जो मुख्य रूप से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री और हिंदी साहित्य जगत में स read more >>
चाट पीपनी ढोल और झूला रेलम रेला देखा था। हमने पिताजी के कंधों पर बैठ के मेला देखा। आइए गीतकार लेखक शरद भूषण मोंगरा की इन पंक्तियों � read more >>
मैं उस समाज की बेटी हूॅं जहां पैदा होने पर लोग खुश होते हैं कि- “ बनाने खिलाने वाली आ गयी ” बड़ी होने पर हाथों में चौका बेलन थमा दिया ज read more >>
दिल चाहत है तुझसे हर बात कहना पर वो कश्मकश में फंस जाता है कि कहीं तुम्हें किसी ओर की बातें सुनना तो पसंद नहीं..!! धन्यवाद read more >>
इतिहास में दलित प्रारंभ में समाज सुधार हेतु धार्मिक आंदोलन, भक्ति आंदोलन चलाए गए,जिनमें संत दादू ,चोखा मेला ,रैदास ,तुकाराम, कबीर दास read more >>
चाहत कभी न यूं मरे, बड़े स्वप्न को देख। जिन्दा दिल हर पल रहें, प्राण बने नव लेख।। प्राण बने नव लेख,जिसे पढ़कर सब सीखे। और करे उत्कर्ष,रह read more >>
ये रिश्ते भी कितने अजीब होते हैं जिन रिश्ते को जितना प्यार ,फ़िक्र,इज्जत और सम्मान दो वही रिश्ते हमें दर्द और तकलीफ देने में एक बार भी न read more >>
# **बिन लड़े, बिन मरे** बिन लड़े, बिन मरे, हार कैसे मान लें? योद्धा हैं हम, वीर हैं हम, हार कैसे मान लें? बिन लड़े, बिन मरे, युद्ध से भाग कैस� read more >>
हमें जंगल से पकड़ते हो, किसी को नदी से पकड़ते हो। कभी पिंजरे में रखते हो, कभी जाल से पकड़ते हो। हमें आग में भूनते हो, फिर तेल में तलते ह� read more >>
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