जहर जिंदिगी का एक साल और कट रहा है,
है कोई जो हम से अलग बट रहा है।
वो दौलत लूटे मेरी तो क्या गम होता,
में फकीर हूं ये दुःख मुझे अंदर से चाट � read more >>
जरा झुक कर ले सलाम देख अब्बा जान तेरे हाज़िर है,
ना में भगवान मेरा नाम शैतान ही काफ़ी है।
Bak bak लगे मेरी Rhymes इसे,
तु क्या समझेगा गांडू काति� read more >>