Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
ये ख़ालिस- ज़िंदगी चले ना रब के बिना, आरज़ू जीवन- के खिले ना रब के बिना, रौशन है यह- जीवन उसी की रोशनी से,, पता न उड़े- कभी बिन हवा बिन झ� read more >>
भ्रमित मन कि व्याकुलता , देख , सिय , हट जाना क्या ? अभी वनवासी है। मर्यादा ,पुरूषोत्म श्री राम देख, हर एक ,वचन, पर्णय का आज निभाना क्या ? read more >>
(कुंडलिया छंद) मेरे मन की पीर को,समझो मेरे यार। करो प्रेम सब देश से,आपस में हो प्यार।। आपस में हो प्यार,वतन पे हम हैं मरते। बनूं धार तलव read more >>
(दोहा छंद) जाना सबको एक दिन,क्यों लड़ते हो यार। जाएगा सब छोड़ कर,जीवन है उपहार ।। जाना सबको एक दिन,कर लो सबसे प्यार। याद करे संसा� read more >>
थोडी घुस्सेल, थोडी प्यारी है नाराज बैठी मुजसे एक परी है! मासूम सी शक्ल , नदानी भरी पडी है ,बेहन सानी मूजसे रुठी खडी है ! कवी - समीर लांडे read more >>
फाटकी झोळी दारी आली, कामा पूर्ती मामा झाली . चोर चोर बग कोण? सरकार आली, सरकार आली . मी नाही देश प्रेमी , आहे सैनिक पुजारी, कारण देशाला खाणा read more >>
लिखाँ किताब में, लडको के बारे, लडके बेकार नहीं होते है सारे! धोखा मिले किस्मत से किसिको, मुस्कुरा देते है ये बेचारे! सोच लीखाँ है किस्म read more >>
हवा से उडती धूल हू मे, शायरी की राह में एक भुल हू मे! किसी की संसो मे ,कहियो की आँखो मे, उडती एक धुल हू मे ! कारो के शिषे पर जमी धुल, पर लिखती read more >>
मिला जो इश्क हमे लगे उधार सां, उधार की जिंदगी ,कफन भी उधार का ! मे हँसता हूँ तो लगता हैं, बौज बढ रहा है उधार का ! कवी - समीर लांडे read more >>
असतो हाताचा फोड , तो काचेचा भांडा नाजुक हातानी हाताळाव लागत , मुलीनच आयुष्य असच असत. सोन्याचा दागिना तो मोलाचा खडा, सांभाळल नाही तर चो read more >>
घीले बिस्तर आँखो के पाणी से, पत्ते गीरते है पेडो की डाली से! इब नजरिया किसीका क्या हो, पत्ते गिरते है हवासे आँसू नहीं! कवी - समीर लांडे read more >>
असावी सात एका भावाची , बहिणीची रात एक विसाव्याची. असावी जान बहीण असते आई जणू भावाची, भावाची सात देणार सावली तो बापाची. कवी - समीर लांडे read more >>
Join Us: