आपसे पहले जन्मी मैं,
और आपको पाला-पोसा।
जब बढ़ रहा था मरूस्थल,
तो मैंने ही उसे रोका।
आज मैं छोटी हो गई,
और तुम हो गए बड़े !!
आंधियों को अप� read more >>
जादूगरी का अनोखा सफ़र
लेखक: विजय शर्मा Erry
कहा जाता है कि हर इंसान के जीवन में एक ऐसा मोड़ आता है, जहाँ उसे लगता है कि अगर थोड़ा-सा जादू मि� read more >>
ख्वाब के पार : हक़ीक़त
(भाग – 1)
विकल्प अभी स्कूल में पढ़ता है।
उसे पढ़ाई से कोई परहेज़ नहीं,
पर उसकी रुचि का केंद्र एक ही विषय है— हिन्द� read more >>