मैंने देखा...
अपने बापू को पसीने से लथपथ खेतों में काम करते हुए ।
हम ac की कूलिंग से घिरे,
वो पसीने से भरे ।
मैंने देखा...
अपने बापू को खेत� read more >>
मैं देख रहा हूं हर बार की तरह,
इस बार भी 'बार' सजेंगे।
अमीरों का जश्न रात भर,
गरीब की ठिठुरन पर भारी पड़ेंगे।
कैलेंडर की तारीख भी बदल जाए� read more >>