थक गया था दिल पुराने ज़ख्मों के हिसाब से,
फिर भी हर सुबह उठा किसी जज्बात से।
आँखों में सपने थे, हथेली में छाले थे,
रास्ते तो मुश्किल थे, � read more >>
काश कोई मंदिर ऐसा भी बना दे !
जो हर दुःखी मन को बच्चा बना दे !!
बढ़ रहे है मुल्क में हैवान इस कदर !
हर शख़्स को इंसान सच्चा बना दे !!
• विशाल श� read more >>
लघु कथा: विरासत की गूंज
(स्थान: रामलीला मैदान, पट्टी, प्रतापगढ़)
शाम के 6 बज रहे थे। अक्टूबर की हल्की गुलाबी ठंड हवा में घुलने लगी थी। 20 read more >>