अमृत कल हो चुका शुरू अब बारी नई हवाओं की है,
पूर्वजों से बनी बुनियाद अब बारी हम युवाओं की है,
यह सब है यहां बैठे हर युवा की भुजाओं पर,
तुम read more >>
आज भी मोती सा चमके दिल की कोठरी में कहीं। आज बस बेबस खड़ा हूँ,
जैसे कुछ रहा ही नहीं। दर्द से थका, हारा मन, अशांत, व्याकुल है आज। भ्रमित जीव read more >>