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Poonam Mishra

  • मैं बचपन से ही बहुत ही संपन्नता में पली-बढ़ी हूं। मुझे कभी भी किसी चीज का अभाव महसूस नहीं हुआ ।जैसे-जैसे मैं बड़ी होती गई मेरा स्वभाव ऐसा हो गया कि मैं कम की तो बात ही छोड़िए पर्याप्त संसाधनों के रहते […]

  • बहुत पुरानी बात है ,एक बार किसी देश के दार्शनिक राजा से मिलने आए ।
    उन्होंन राजा को संदेश भिजवाया कि वह उनके किसी मित्र के बारे में कोई जानकारी देने आए हैं ।जोकि अत्यंत ही महत्वपूर्ण है ।
    जब इसकी जानकारी राजा के […]

  • हम सभी अपने जीवन में अपने आपको सदैव खुश रखना चाहते हैं ।
    और हम यह चाहते हैं कि हमेशा खुशी ही हमारे आस,पास घूमे जीवन सिर्फ खुशियों से भरा रहे कभी भी हमारे जीवन में गम की परछाई ना आए
    परंतु कभी-कभी ऐस […]

  • देखो यह प्राणों से प्यारा,
    सुंदर देश हमारा,
    कल-कल करती नदियां बहती,
    चंचल किरणें अट खेली करती,

    छिटकी है हरियाली,

    नाच रही है चंचल नदियां ,
    बह रही है शीतल पवन ,
    उड़ते हैं खग नभ में प्यारे,
    देखो यह प्राणों से प्य […]

  • उम्मीदों का दामन हो ,
    आशाओं का बादल हो ,
    खुशियों की चाहत हो ,
    फूलों का मौसम हो ,
    और हसरतें हमारी हो,
    अपनों का साथ हो ,
    आंखों में सपने हो ,
    खूबसूरत सी बगिया हो,
    फूल और भंवरे हो,
    सुंदर सा सपनों का बगिया हो,

  • कुछ आशाएं ,
    कुछ उम्मीदें ,
    कुछ तो है जीवन में मेरे,
    जिसके लिए मैं ,
    ताने-बाने बुनती रहती हूं ,
    दिन भर,
    काश !कोई ऐसा पल भी आए,
    मेरे जीवन में ,
    जो मेरी आशाओं को ,
    पूरा कर जाए,
    इस जीवन में जो ,
    उम्मीदें बांधी […]

  • दुनिया में अंधेरा जब छाए,
    कोई मंजिल अगर तुमको ना नजर आए,
    कोई प्रेम से फिर कुछ शब्द कहे ,
    तुम उस पर ना यकीन करना,
    बस बंद कर लेना आंखें तब ,
    तुम अंतर्मन की ही सुनना,
    जब हर एक पल कट ना पाए ,
    और खु […]

  • 14 जनवरी को हमारे देश में आज धूमधाम से मकर संक्रांति मनाया जाता है कहा जाता है कि आज के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से स्वयं चलकर मिलने जाते हैं शनि देव जो कि मकर राशि के हैं इसी कारण आज मकर संक्रांति के रूप म […]

  • कुछ कहना था तुमसे ,
    या कुछ सुनना था,
    मन की पीड़ा थी,
    या शब्दों की पीड़ा थी,
    मन का भाव था,
    या भीतर का घाव था,
    खुशियां थी कमाल की,
    या जी का जंजाल था,
    यह सब क्यों सोचती हूं मैं ,
    क्यों ना दिल से कविता ,
    कहने क […]

  • कहते हैं कि बचपन में दिया हुआ संस्कार जीवन पर्यंत हमारे साथ रहता है बचपन में हम जैसा व्यवहार बच्चों के साथ करते हैं बच्चे वैसा ही सीखते हैं बच्चों में सच बोलने की आदत हमारे सच बोलने से ही आती है यदि माता-प […]

  • सपनों को तोड़ दूं
    या दिल करता है
    यह शहर छोड़ दूं
    हाथों पर बनी
    इन लकीरों को मोड़ लूं
    या किस्मत से मिले फैसले को तोड़ दूं
    तुम ही बताओ
    तुम जो ना मिले मेरी जिंदगी में
    बस यही तमन्ना है कि मैं यह जग छोड़ दूं

  • कुछ किस्से मेरे दिल में है
    कुछ किस्से लफ्जों में है
    कुछ किस्से कागजों में है
    कुछ किस्से मेरे शब्दों में है
    कैसे भूलू में वह लम्हे
    जो मेरे आती-जाती हर सांस में है

  • तुम्हें दुआओं में सबसे ऊपर रखा है
    तुम्हें दिल में बेहिसाब रखा है
    ना कम ना ज्यादा असीमित प्यार रखा है
    मुझे तुमसे न कोई शिकवा ना गिला
    मैंने तुम्हें तो अपनी हर एक सांस में रखा है
    मुझे भी शामिल कर लो अपनी दुआओं म […]

  • तुम क्या जानो कैसे दिल को मैं समझाया करती हूं
    एक पल जो यह रूठ गया तो सौ बार मनाया करती हूं
    टूटे हुए कांच की तो आवाज सुनाई देती है
    पर मेरा दिल जो है टूटा कुछ तुम्हें सुनाई देता है
    कैसे कहूं दिल के अरमानों क […]

  • आज दिल करता है कि मैं अपने उस बचपन वाले गांव में लौट जाऊं जहां मुझे किसी भी चीज की फिक्र नहीं हुआ करती थी बस दिन भर पीले पीले सरसों के खेत में घूमना फिरना और वह गांव का सरकारी प्राइमरी स्कूल जहां कि मैं पढ़ा […]

  • आज मन अतीत की घटनाओं को याद करके बहुत दुखी हो रहा है क्योंकि मैंने जो जीवन भर अपने परिवार के लिए किया आज उसका कोई भी महत्त्व नहीं रहा आज कैसे हर कोई यह कहकर चला जाता है कि आपने किया ही क्या है कभी-कभी तो मुझे य […]

  • सबके हृदय में रहो इस तरह फूल बनकर चमन में खिले जिस तरह अगर मिट गए तो हृदय में रहोगे जिंदगी में मेरी बस यही कामना है दूसरों के लिए प्यार की भावना हो कांटे बनकर लोग तुम्हें जो चुभने ने लगेंगे
    पर तुम्हारे हृदय में […]

  • 7 जनवरी 2021
    दिन बृहस्पतिवार रात की 11:00 बजे
    आज मन बहुत व्यथित है पता नहीं क्यों अतीत में घटित हुई घटनाओं को बार-बार याद कर रहा है मैंने 20 साल पहले लव मैरिज की थी मैरिज तो मेरी सफल ही है परंतु हम दोनों […]

  • 6 जनवरी 2021
    बुधवार
    रात के 10:30
    आज जब मैं कोचिंग से पढ़ा कर उठ रही थी तभी एक बच्चा जो कि मेरे कोचिंग में पड़ता है ऋषभ गुप्ता मेरे पास आता है और बोलता है कि मैम आज के बाद से हम कोचिंग नहीं आएंगे क्योंकि को […]

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