Babita Sharma 31 May 2024 शायरी समाजिक #mythaughts#tranding#viralpost#yqdidi#sahity live 36310 0 Hindi :: हिंदी
जिसको पाकर खुद को जाना मुमकिन है क्या उसे भुलाना। निद्रा गहरी ख्वाब सुनहरे, उसका रहता आना जाना। पर निकले तो उड़ गये पंक्षी, छोड़ के अपना ठौर ठिकाना। ह्रदय कमल को जो मसले ,वो अक्सर होता मित्र पुराना। खामोशी को सुने बराबर, होता है सच्चा याराना। ख़ता किसी की सजा किसी को उस बचपन का नहीं जमाना।