संदीप कुमार सिंह 08 Sep 2026 कविताएँ समाजिक #जीवन #संघर्ष #मुक़ाम #राही #कठिन #मंज़िल 216 0 Hindi :: हिंदी
#दोहा_मुक्तक जीवन तो संघर्ष है,बाधा मिले हजार । उनका होता नाम है,होते जो खुद्दार । छलिया मिलते हैं बहुत,रखते लगा नकाब-- चाहत जिसके पास है,लाते बड़ी बहार।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....