Neetesh Shakya 11 Nov 2025 शायरी प्यार-महोब्बत शायरी मेरी डायरी neetesh kumar, neetesh Shakya 10110 0 Hindi :: हिंदी
आंखों में बस के दिल में उतर गई। दिल में उतर के मोहब्बत बदल गई। देखा आंख ने सोचा दिमाग ने। दिल में बसी बात जीभ ने बता दी। वह किसी और की थी बात गौर की थी। आंखें समझ नहीं पाई, दिल रोक नहीं पाया और जीभ छुपा नहीं पाई। दिल बोला किसी और की है भाई। अब तो छोड़ दे नारी पराई। क्यों पीठ तुड़वाएगा। जिन आंखों ने देखा, उन्ही आंखों से आंसू बहेगा। ⚜️ शायरी मेरी डायरी ⚜️
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