[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
हास्य-व्यंग
Home
Sub-Categories
हास्य-व्यंग
तुम पेड़ मत लगाओ
तुम पेड़ मत लगाओ तुम पेड़ मत लगाओ। उग आए हैं जो स्वतः ही, नहीं उन्हें मिटाओ। तुम पेड़ मत लगाओ। तुम पेड़ मत लगाओ। मनुज नहीं था जब धर�
read more >>
बाबू
बाबू ,जिनको लोग प्यार और सम्मान से बाबूजी भी कह देते हैं। सरकारी और प्राइवेट सभी कार्यालयों में उपस्थित एक अलग ही प्रकार का प्राणी हो�
read more >>
सरकारी अस्पताल
‘‘सरकारी अस्पताल’’ सरकारी अस्पताल भारत की एक अनोखी संस्था है, जहां पर लोग अपनी बीमारी को ठीक करवाने के लिए जाते है, किन्तु होता क्या
read more >>
जिंदगी एक खिलौना
जिंदगी के हर पल को मुस्कुराते हुए जियो क्या रखा है रोने में गम के आंसू पीयो कभी तो दिन बदलेंगे इस विचार को मन में रखो किसी से उम्मी
read more >>
बरसात
बारिश के मौसम में महसूस हुई मुझे तन्हाई खिड़की के पास बैठी थी कुछ बंदे मुझ पर भी आई मन में एक अजीब सा ख्याल आया भगवान ने बरसात का भी क्य
read more >>
आई यार बैसाखी
"पंजाबी गीत" आई यार बैसाखी..... आई यार बैसाखी आई यार बैसाखी अखियां है नूर दी प्यासी आई यार बैसाखी आई यार बैसाखी........ 1- पिंड पिंड मेले
read more >>
मैं भी एक ताजमहल बनाऊं
मैं भी सोचता था किसी की याद में ताजमहल बनाऊं, पर क्या करूं मुमताज मिलती ही नहीं। 1 दिन किस्मत खुली, मुमताज मिली, अब सोचता हूं ताजमहल बन
read more >>
उलझन एक शिक्षक की।
उलझन में पढ़ा शिक्षक परीक्षा नजदीक आए, पाठ्यक्रम को समय नियम से पूरा न कर पाए, लगी छुट्टी अतिवृष्टि की बच्चे स्कूल भूल जाए, निकाल समय श
read more >>
महत्वाकांक्षाएं।
महत्वाकांक्षाएं । प्रातःकाल धुएं के समान मेरे पास के वातावरण में छाई हुई है हल्की सी ओश , ये ओश की बूंदे मोतियों के समान बिखरी हुई है �
read more >>
সৰুতে হেতালী
সৰুতে হেতালী খেলিছিলোঁ সমনীয়াৰ লগত, এতিয়া জীৱনে হেতালী খেলিছে মোৰ লগত।
read more >>
🦉 उल्लू बनाने वाली
🦉 उल्लू बनाने वाली उल्लू बनाने वाली, का तेरे मन में समाया, मुझको भी उल्लू बनाया, तूने मुझको भी उल्लू बनाया।। ............................................. मुझसे
read more >>
मोबाइल का कमाल 📱
"मोबाइल का कमाल" 📱 मोबाइल ने जीवन बदल दिया, खाने-पीने का चलन बदल दिया। पहले लोग बातें करते थे, अब "चैट" से रिश्ता पक्का करते हैं। सुबह उ
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1
to
12
of
340
results
‹
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
...
28
29
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder