टूटना क्या होता है,
ये उससे पूछो,
जो घर की चार दीवारो तक ही सिमट जाती है।
उड़ान उसे भी भरनी थी,
लेकिन वो परिवार, बच्चे, घर,
इनमें ही उलझ कर read more >>
# महुआ के फूल ...
आदिवासियों का ,
है यह जीवन मूल
खिलने लगे हैं ,
अब महुआ के फूल ...
तपिश बड़ी ,
झुलसाती
नहीं कहीं ,
कोई छईआं...!
इस मौसम ,
टप - ट� read more >>
कविता और कवि ...
ये तो है ,
बिखरती चांदनी ,
गुनगुनाती रागनी ,
महकती बहती हवा ...!
किसी ने दर्द ,
किसी ने मरहम
किसी ने खुशी ,
किसी ने गम कहा ...!
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परी आज बहुत खुश थी और अंदर से थोड़ी घबराई हुई भी क्योंकि परी के कॉलेज का आज पहला दिन था!
परी आज पहली बार कहीं घर से बाहर जा रही थी वो भी इत� read more >>