दैनिक काव्य सृजन
दिन- बुधवार
दिनांक 21 -1 _2026
शीर्षक ----यादें ही यादें
जब शाम ढले मेरे घर पर यादों
की दस्तक होती है
मन फिर बेचैन होकर न जा� read more >>
एक बात लिखूं एक राज़ लिखूं या...
अपने दिल की आवाज़ लिखूं।
एक साथ लिखूं, एक पास लिखूं, या...
तेरे, मेरे जज्बात लिखूं ।
एक मुलाकात लिखू, एक � read more >>
आज एक सपना आया,
सपने में तू आया,
तुझे देख मुस्कान आया,
फिर कुछ नया फसान आया।
दिल कहता जी लु तुझे,
अपने यादों में सी लु तुझे,
मन कहता जानू read more >>
चलो शिकायतें तेरी सरे आम करते है,
तेरी हर गलतियों का ,जुर्माना के साथ ,ऐलान हम करते है ,
मगरुर मुहब्बत में चूर, वफ़ा से भरपूर चाहत करने की read more >>