तेरे कल मे ,तेरे पल मे
जीवन की इस, हल-चल मे
सासें नहीं है, मेरी,
हो ......
सासें नहीं मे , मेरी .
रूह मेरी, करती
अहसास है तेरा ,
है, जन्मो का read more >>
में पतझड का मौसम हू तुम बारिश बन बरस जाओ
मे लिखता रहू उम्र भर , तुम कविता बन उभर आओ
भले रुठे हो शब्द मेरे, तुम यु दिल की बात समझ जाओ
मेरी ज read more >>