बहुत अपना है वो, और पराया भी बहुत है
अपना इतना
कि उससे मन की कह लेती हूं
याद आने पर उसकी मुस्कुरा भी लेती हूं
और रो भी लेती हूं
और पराया � read more >>
दिल मेरा तोड़ के जाते हो खुशी मनाने को|
या फिर और भी दिल यूं ही आजमाने को |
लगे ना ॴच तेरे दिल पे कभी मुहब्बत की|
मिले ना दिल तुझे और भी जल� read more >>
इक तलप लगी है तेरी, उसे बुझाऊ कैसे
इस बन्झर जमी पे, हरियाली लाऊ कैसे
सौ अरमानो को दबाकर, इक ख्वाईस् की है
उस दिलके ख्यालों को, हकीकत मे ब� read more >>
कल जैसे थे आज भी वैसे हीं हैं
बस फर्क इतना सा हैं
कल छोटे थे, आज कुछ बढ़े हों गए हैं।
जिन हाथों से उंगलिया थम चला करतें थे।
आज उन हाथों में read more >>