[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
प्यार-महोब्बत
Home
Sub-Categories
प्यार-महोब्बत
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
सब को पता है दुनियां सिर्फ एक धोखा है।लेकिन कुछ सालों को डिग्रियां मिलने के बाद दुनिया में ही अपनी जिंदगी को जन्नत बनाने की ठान रखी है
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
लाखो मिल दूर चांद पर तो लोग पहुंच गए है। लेकिन इंसान इंसान के पास रह कर भी इंसानों के दिलों के करीब कोई नही पहुंच पाया।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जिसको पैदा करने वाले माँ से मोहब्बत नहीं है।वो दुनिया में किसी के मोहब्बत का भी वफादार नही बन सकता है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
कौन जन्नती है कौन जहन्नमी है।अब खुदा से ज्यादा इंसान ही खुदा बन गया है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
अब खुदा की चाहत नहीं रहा किसी को क्योंकि अब इंसान ही खुदा बन गया है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
व्हाट्सएप नोटिफिकेशन देख कर मैसेज का ज़बाब न देने वाले लोग खुद की मोहब्बत पर पैबंद लगा कर दूसरे को मोहब्बत का ज्ञान बांटते है।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
जट्ट मारी दुनिया का रानी बने ऐसे ही नहीं कोई दुनियां में खुदा बने।
read more >>
Writer by Iqrar Ali, मोहब्बत शायरी दिल तोड़
आज तुम्हें मेरी सकल से मोहब्बत नहीं हो रही है। कल मेरी मौत पर तुम खुद ही मेरी तस्वीर को बेच कर अपनी फेम बनाओगे।
read more >>
धड़कता है
धड़कता है दिल देखते ही तुझको मैं नजरे चुराएं भी तो कैसे भला बिना देखे आए न चैन मुझको। धन्यवाद
read more >>
भूल के
तुम्हें भूल के हम जाएं कहां जहां जाएं आते हो याद वहां। धन्यवाद
read more >>
मैं और मेरी खामोशी
मैं और मेरी खामोशी अक्सर तन्हाई में बातें करती है भीड़ से डर नहीं लगता दिन के ऊंजाले से डर लगता है ऐसा कहती है। धन्यवाद
read more >>
हम साथ हो
यश और नंदनी की शादी के छः साल हो चुकी थी ,पर उनका कोई संतान नहीं था । इसलिए नंदनी को उसके ससुराल वाले बहुत ताने देते थें।नंदनी बहुत दुःख�
read more >>
« Previous
Next »
Showing
2677
to
2688
of
4316
results
‹
1
2
...
221
222
223
224
225
226
227
...
359
360
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder