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प्यार-महोब्बत
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प्यार-महोब्बत
आखों की समंदर
मेरी आखे समंदर सी होने लगी । याद तेरी बवंडर सी होने लगी।। कर जो देती अकेला मुझे छोड़ कर। शिवा की धड़कने, बस ये रोने लगी।। शिव शंकर (शिव
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हमे बस तेरा होना है
नही इनका नही उनका मुझे बस तेरा होना है। तेरे काँधे पर सर रखकर मुझे जी भर के रोना है।। कभी फुर्सत मे होकर तुम मुझे गर याद कर लोगी। तेरी ब�
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मां
रिश्तों का क्या , उस फरिश्ते से रिश्ता हैं ना खोज ले तू सारे जमाने में , मां से बड़ा कोई फरिश्ता है क्या ! बिना मतलब के रिश्ता निभाएं ब�
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जिन्दगी में एक बार सभी को होता हैं!
प्यार इश्क़ मोहब्बत जिन्दगी में एक बार सभी को होता हैं इसलिए लोग याद करते हैं|
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जानेसार
उन्हे लगता हैं कि हम उनको परेशान करते है। पर ये बता दूँ की ऐसे हम जानेसार करते है।। घुटन सी होने लगती है अक्सर, उनको मेरी बातो से। क्या
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बैचैनी
बहुत बेचैन करती है तेरी होठों की सुर्खिया पर तेरी आखो की काजल कमाल करती है शिव शंकर (शिवा)...✍️
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गले का तिल
हम तो चाहे,उन्हे उनका दिल देखकर। गले पर काला, प्यारा सा तिल देखकर।। तिरछी नजरो से करती इसारा हो जब। दिल हुआ तब से घायल कातिल देखकर।।
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मुस्कुराहटों से धोखा
हर तलब उनसे धोखा, हम खाते रहे। जानते थे हम सब ,पर मुस्कुराते रहे।। लग गई थी आदत,हमे उनकी अब। प्यार थी वो इस लिये, हम निभाते रहे।। श
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अजनबी की शहर
अजनबी की शहर अजनबी ही रहा। जान तुम ही कहो मैने कब क्या कहा।। हम तो शहरो की गलियो मे तुम्हे ढूंढा करू। आखो से होठ की दूरी कम ना रहा।। �
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गालों की डिम्पल
तेरी गालो का डिम्पल कमाल करती है। तिरक्षी नजरें तेरी बस बवाल करती है।। तेरी होठ है गुलाबी रसीली मगर। गले का तिल हर पल सवाल करती है।।
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मासूमियत
तू खुदा की है बन्दिश क्वारी कली। मासूम चेहरा मचा दे हर जगह खलबली।। तू चलती हो हिरनी अदावो जब। मिलने आजा सनम तू शिवा की गली।।
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रिश्ते
वक्त गुजरता है यैसे रेत भर लो हाथ मे जैसे ये प्यार और रिश्ते हो गये रेत के जैसे फिसल जाते यौहिं कभी इस गली कभी उस गली आशिक बने फिरते स
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