दो तमनाऐ है ,और एक ही मंजिल है
कोई ख्वाब है तो, कोई दिल की ख्वाहिश है
दो राहे जाती है, इक ही डगर को
कोई दवा जैसी है तो ,कोई दुआ जैसी हो
सुल� read more >>
तम्नाये सिमट जाती है, तुझ तक आ कर
कुछ कम या कुछ अधिक ,ना चाहीये अब दिलबर
इतनी वफा भरी मोहब्बत, मिलते कहा है
जो चाहे दूरी मे भी, रुह से भी द� read more >>