चल चल चल मेरा नाम लिया...
चल चल चल, चल चल चल
मेरा नाम लिया,, उसने याद किया,,
हिचकी.... हिचकी,,यादो में उसके
आज भी लगती हैं हिचकी.....
बरसो बित गये, read more >>
मैदान ए शायरी का एक प्यादा हूँ मैं,
. इस महदूद सल्तनत का वजीर नहीं हूँ
ग़ज़ल के नाम पे बस हाल ए दिल बयां करूँ,
. मैं बद्र , गालिब , या मीर नहीं ह read more >>
यूँ न देखा कर मुझ को,
मे महसूस कर रहा हूँ कि,
तेरी नज़रे मुझमें डुबकर,
मुकम्मल होना चाह रही है,
और यह मुमकिन न हो पाएगा,
में तेरे बिना हि म� read more >>