"विदा करो"
"अब मैं मौत के काफी नज़दीक आ चुका हूँ,साँसें कुछ गिनती की बची हुई हैं,लोगों की उम्मीद अभी-भी बाकी है,मेरे फिर से जिउठ्ने की,मगर read more >>
जब तूम थे मेरे पास ना जाने गम में भी क्यों ख़ुश रहता था मै।
जब तूम से बात करता सारा दर्द भूल जता था मैं।
मैंने, तुझे हद से भी ज्यादा प्यार � read more >>
मोहब्बत , में ज़िन्दगी ,- ढुंढ ने चलें थे।
ज़िन्दगी कहां थी ।
तुम्हें प्यार करने की ये चाहत भी गुनाह हुई ।२२२
मोहब्बत......
हर ओर तुझे तलाश� read more >>