एक घुंट शराब ,ओर मेरे रंगी ख्वाब
फिर बदले से दिल के हम नवाब,
हु........2
अब देखो जरा,
ये जानी-पहचानी सी कौन है।
मेरी सुबहाँ की अंगडाई मे,
मु� read more >>
"साया"
"मैंने बहुत कोशिश की,मेरी कलम से निकला हुआ अल्फ़ाज मोहब्बत् के बारे में तक़रीर न करे,मगर उनकी यादों का साया इस कदर है कि,न चाह के भी read more >>