ए-गुईया-
रे गुईया रे ओ मोरे गुईया रे,
झूलना ए-झूल-
गुईया रे ओ मोर गुईया रे,,
चाल लहकदार नजर-
ए- झूलेला ओ मोर गुईया रे,
रूप रंग तोर दिल-
बस� read more >>
चलो आज उसकी कहानी सुनाता हूँ जिसे मैं प्यार से सखी बुलाता हूँ. आई थी मेरी जिंदगी में कुछ 5 साल पहले लगती थी दिखाने में मेरे बिना जो रह ले, � read more >>
प्रेम में पागल प्रेमी करता है इंतजार, कब होगा हम दोनों का मिलन एक बार, चाहे पहले मिलन कर चुका हो वह हजार, बस प्रेमी को चाहिए अपनी प्रेमिक� read more >>