मोती लाल साहु 03 Oct 2023 शायरी प्यार-महोब्बत प्रीत गंवारण 37749 0 Hindi :: हिंदी
मैं गांव की- बाला मेरी प्रीत गंवारण, मैं कुकती- जंगल दरिया तीर गंवारण,, मैं संग-संग खेलती- हवाओं में मेरी चाल बयारण, मैं चली- रे चली मेरी प्रीत गंवारण....!!!! -मोती
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