हाध, पकड़ के
चल,मेरे,
साथी ,,.......
ये सफर जिन्दगी का, तेरे संग है।
तेरी मिठठी-०मिठठी
प्यारी-प्यारी
बातों मे,खुशीयो के हजारों रंग ।
हाध..... read more >>
पलक जमीं ,ये देखे,
क्या... ?
उदास है आसमाँ । ......
यहाँ, सितारों की, शादगी
मे बंघा है। ये समाँ। हूँ...
ये दिल, क्या जाने ..३२
अपना शौक शर read more >>
पलक जमीं ,ये देखे,
क्या... ?
उदास है आसमाँ । ......
यहाँ, सितारों की, शादगी
मे बंघा है। ये समाँ। हूँ...
ये दिल, क्या जाने ..३२
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तू मेरी नजरों से दूर मत जाना ,
चाहें जो कुछ कहे जमाना ,
मैंने तो तुझे टूट_ टूट कर चाहा है पगली _
तुझे ही अपना मैंने सदियों से माना ।
_ शिव क� read more >>
विजय और अनिता बहुत खुश थे। उनकी शादी के छह महीने बीत गए थे और वे एक दूसरे के लिए बने थे। उन्होंने एक-दूसरे के साथ कई सपने देखे थे और उन्हे read more >>
(मुक्तक छंद)
मिलने तुम आओ कभी,पिला नयन का जाम।
सावन की मधु रात में, हो जा मेरे नाम।
तुम मेरी हो प्रिय गजल,और मनोहर खास_
बनकर सावन की घटा,ब� read more >>