Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
क्षत्रिय ठाकुर खेत सिंघ रूपावत चाडी बात विक्रम सम्वत 1876 पूनम की रात निंबाज हवेली की है, जोधपुर रियासत के उत्तरी छोर पे एक अति बलशाली ठ� read more >>
न जाने क्यों सब कुछ होते हुए भी मन कभी-कभी बहुत दुखी हो जाता है और ऐसा लगता है कि खुशी तो हमारे पास है ही नहीं उस समय हमें घर से बाहर निकल क read more >>
छोटी सी है जिंदगी क्यों ना छोटी-छोटी खुशियों में ही खुश होने का प्रयास करें हम हमेशा यह क्यों सोचते रहते हैं कि जब कोई बड़ी खुशी मिलेगी read more >>
हम हमेशा लोगों की भीड़ में ही बने रहना चाहते हैं और हमेशा चाहते हैं कि लोग हमारी तारीफ ही करें कभी हमारी बुराई ना करें परंतु हमारा यह ख् read more >>
शब्दों के दांत नहीं होते हैं परंतु जब यह हमारे द्वारा प्रयोग में लाए जाते हैं तो कभी-कभी किसी को तो बहुत खुशी प्रदान करते हैं परंतु कभी- read more >>
पिता वो साया है सर पर जिसके रहते दुखो की बूंद भी हमे छू नही पाती है फिर चाहे वो खुद कितनी दुखो की बारिश झेल कर आता हो। पिता वो सहारा है read more >>
बहुत कोशिश है कि तुम्हें भूलने की न जाने क्यों ?तुम दिल से निकलते नहीं हो !कई बार ऐसा महसूस होने लगा है ! तुम ही शब्द ! बनकर आते हो जुबां ! read more >>
न जाने कहां खो गई है वह मेरी खुशी ! चलो ढूंढ लाते हैं उस खुशी को फिर हम यूं ही कहीं! read more >>
ऐ मन तु अपनी मर्जी क्यों चलाता रहा ! तू चाहता क्या है? यह कभी तो मुझे भी बता । जब भी सोचता हूं ! मैं कुछ तुम मुझे और ही किसी राह पर ले जाता र read more >>
रूठते थे हम भी कभी बच्चों की तरह ! अपनी चोटी को ठीक से बनाने की जिद करते थे हम भी कभी। हंसते थे कभी खिलखिला कर। राह पर यूं ही । रहते थे मस� read more >>
कोई चाहत नहीं है मुझ में ! कोई उम्मीद भी नहीं है मुझ में! शायद !इसीलिए जिंदगी मेरी वीरान है ! कोई आस भी नहीं है! जितना मिल जाए वह भी बहुत है ! read more >>
क्या लिखूं !मन मौन है !पर लिखने को भी मन बेचैन है! उलझन है मेरी उसको मैं ! ना सुलझा सकी ! राह के एक पत्थर को भी मैं ना हिला सकी दर्द से कराह� read more >>
Join Us: