रे मन यूं न कर रे विलाप !
कब - तक करोगे विलाप ,
रे मन जाग जा रे अब !
रे मन बोल ,रे मन बोल !
हरि नाम तू एक बार बोल,
बन रे प्रेम भिखारी
बन के हरि की � read more >>
हमारा शरीर एक कपड़ा है जो कई जन्मों के पाप से गंदा हो चुका है। जब आप कपड़े को धोते हो तब कपड़े को गिसना पड़ता है और कपड़े को घिसने पर ही क� read more >>
तेरा ही रूप-
देखता हूं जग में,
कण-ए-कण में-
तू है समाया जग में,
आता-जाता ना-
जन्म लेता तू अविनाशी रे....
दिल में-
रहे तू कृष्ण कन्हैया रे. read more >>
सुबह - सुबह
कैसे भूल बैठा ।।
मन बावरे
तेरा ,नाम सांवरे.........।।
ओहो,मन बावरे.......…।।2
इन हवाओं में
लहरों में ....।।
ओहो मेरे मन की नजरों से
मि� read more >>
पर्व, अपना , ये पावन देखों .....!
मेरे भारत में सावन देखों.....!
रिमझिम- रिमझिम बारिश की
बुंदों में इठलाती - बतियाती
खिलखिलाती
सुन्दर - सुन्दर read more >>
मुझे देख ले मां
मैं तेरे मंदिर आया हूं।
भक्ति मेरी कर ले कबूल
हाथों में लाल चुनरिया लाया हूं ।
मुझे देख ले मां
मैं ........
बैठा हूं मैं
भ� read more >>