मेरा तन मेरा मन मेरा जड़ मेरा चेतन सब तू ही बनवारी मैं मैं कर क्या चिल्लाना लोग कहत तेरी बड़ी हवेली मैं तो राम मंदिर का दरबारी, मैं मैं क� read more >>
(दोहा छंद)
सब लीला भगवान की,भजन करूं हर रोज।
कण कण में स्थित हरि रहे, अपने दिल में खोज।।
सब लीला भगवान की, सुख दुख इनके देन।
हर बाधा कर सा read more >>