(मुक्तक छंद)
सबके दाता राम हैं, हृदय बसा लें राम।
सब प्रभु ही सम्हाल दें, करें सरल हर काम।
गम को हम तूं मार दें,हरदम रखें जुगार_
जन्म मरण � read more >>
भगवान के घर देर है अंधेर नहीं,
उसकी कचहरी में कोई हेर _फेर नहीं ,
वह सबका हिसाब करता है तराजू से तौल कर____
सज़ा देने में भी करता कोई देर _सब� read more >>