आश्चर्य कैसी मुसीबतों में,
देह अभिमानी पड़े हुए हैं,
स्वधर्म अपना भूलकर---
माया के चक्कर में फंसे हुए हैं!
मोह-माया कैसी है यह प्रबल---
म� read more >>
कहने को तो ---
कठपुतली खेल दिखाता है !
पर....
डोर हाथ में है उस read more >>