हे गोविंद, हे गोविंद, हे गोविंद ,मेरे गोविंद
राख शरण मोहे गोविंद!
भूल गई मैं सब कुछ अपना
थाम ले अब तु मुझको गोविंद
हे गोविंद, हे गोविंद ,� read more >>
मां शारदे ,
शत शत नमन करें
हम सदा कर जोड़कर ,
शरण तेरी आ गए हम
सब बंधनों को तोड़कर |
यह ह्रदय दीपक बने
औ लौ बने मां भारती
मसी घृत हो , कल� read more >>