[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
मोती लाल साहु
Home
Author
मोती लाल साहु
मोती लाल साहु
मोती लाल साहु
@ --7
, Jharkhand
Followers:
15
Following:
7
Total Articles:
906
Follow
View Certificate
Share on:
My Articles
ऐ ज़िन्दगी-रब का पता तो बता कब तक यूं चलेंगे
ख़्वाहिश है- कब तक यूं चलेंगे, डूब कर इश्क़ कर लूं..! ऐ ज़िंदगी- रब का पता तो बता..!! -मोती
read more >>
व़क्त ने मुक़ाम सजाने की यात्रा दी
व़क्त ने मुक़ाम- सजाने की यात्रा दी, ज़िंदगी और साजो-सामान दिया,, बंदा मकान वहां- बनाया जो उसका मुक़ाम नहीं था..!! -मोती
read more >>
अपने आप आने जाने वाले-इस साक्षात् की पूजा कब
पूरे संसार की- दौलत से भी तुम एक श्वांस नहीं ख़रीद सकते- अपने-आप,आने-जाने, वाले इस साक्षात् की पूजा कब..?? -मोती
read more >>
मैं कहता हूं-तुम्हारी नज़रों में दोष बहुत है
लोग कहते हैं- चलना नहीं आता, मेरे पैर जो लऱझ रहे हैं,, मैं कहता हूं- तुम्हारी नज़रों में दोष बहुत हैं,, मेरे सर का बोझ- देखो जो दुनिया ने
read more >>
हद से ज़्यादा भरोसा किया खुद पर-मुस्कुराना तुम्हारा मजबूरी हो जाएगी अगर
मुस्कुराना तुम्हारा- मजबूरी हो जाएगी अगर,, हद से- ज़्यादा भरोसा किया ख़ुद पर,, तुम्हारे अंदर- बैठा परमात्मा खुश, हो जाएगा तुम्हारे �
read more >>
अपने से बड़ा दग़ाबाज़ नहीं देखा दुनिया में
अपने से बड़ा- दग़ाबाज़ नहीं देखा, दुनिया में सनम अंदर है,, बाहर ख़ाक छानने- में जीवन ख़राब कर ली..!! -मोती
read more >>
अंदर के मार्ग का पता पूछ लो
किसी की वाणी से- रूह में हलचल आ जाए,, अंदर- के मार्ग का पता पूछ लो..?? -मोती
read more >>
लिखा था सुर्ख लाल -गुलाब की पंखुड़ियों में
लिखा था- सुर्ख लाल गुलाब, की पंखुड़ियों में-शायरी,, उड़ा ले गई-हवा बादलों में,, रिमझिम फुहार- से तन-बदन सिहर उठा- एकबारगी मौसम बदल गया..
read more >>
इतना इतराना-अच्छा नहीं नजदीकियों में
इतना इतराना- अच्छा नहीं नजदीकियों में,, कभी इतना दे- जाते हैं ग़म जिंदगी में, रिसता उम्र भर नासूर बना जख्म..!! -मोती
read more >>
आंशिक ही मोहब्बत करें-यह कहां ज़रूरी है
आंशिक- ही मोहब्बत करे, यह कहां ज़रूरी है,, ज़िंदगी इंसानों- की और मोहब्बत इंसानों, की बेमिसाल हुआ करती है..!! -मोती
read more >>
« Previous
Next »
Showing
501
to
510
of
906
results
‹
1
2
...
48
49
50
51
52
53
54
...
90
91
›
Share on:
Facebook
Twitter
Linkedin
WhatsApp
Pinterest
Telegram
Copy Share Link
Copy
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder