"व़क्त ने व़क्त को कुछ ऐसे फेर दिए,
हम अपनों से ही सदा दूर हो गए"..!!
"हम रहे सदा ईंमान के अपनों में,
फिर भी हमें नज़र अंदाज़ कर गए"..!!
-मोती read more >>
"क्या यह-
मानव तन असली कुरुक्षेत्र है"........?
"योनि दर योनि का-
सफ़र लाख चौरासी का"..!
"शेष योनि-
कर्म फल का भोग बना"..!
"मानव योनि-
मोक्ष फल का � read more >>
"मांँ तेरे-
तन में खो जाएंगे"
"चिर निंद्रा-
में सो जाएंगे जब"
"मांँ नाता-
रहेगा तुम्हारा,
ईमान मेरा रहेगा जिंदा"....!!!
जय हिंद!
जय हिंद!
ज read more >>
"जियो तो-
जियो देश के नाम पर"
"मरो तो-
मरो-देश के आन पर"
"ईमान मेरा-
मेरा धर्म ही है-वतन मेरा"...!!!
वंदे मातरम्!
वंदे मातरम्!
वंदे मातरम्!
-म� read more >>
"ना तू-तू है, ना मैं-मैं हूं-
रथी तक रथ है बर्ना अर्थी है"!
हांकता रथ एक रथी, उतर जाएगा रथी।
हो जाएगा रथ खाली, अर्थी कहलाएगा।।
"ना तू-तू है, � read more >>
"खोई सी-
भागती-दौड़ती,
ज़िंदगी में यह व़क्त की"!
"नज़ाकत है जनाब-
मैंने मंज़िल को पाने,
का वादा ख़ुद से किया है"!!
"और इरादा भी है तो,
कश्� read more >>