आज के युग में लोग
जाति के नाम पर लड़ रहे हैं,
पर उन्हें क्या खबर…
कि वे अपने ही समाज से दूर हो रहे हैं।
भाई-चारे की डोर
अब नफरत से टूट रह� read more >>
मतला:
कभी-कभी ख़ामोशी भी बयान बन जाती है,
हर अनकही सी बात पहचान बन जाती है।
लबों पे जो न आए, वो नज़र कह जाती है,
चुप्पी भी दर्द की ज़ुबान � read more >>