(शायरी)
बड़ी मुद्दत के बाद उन से मुलाकात हुई,
उनके एक शब्द सुनते ही मन कुल्फी सा शीतल हो गया।
फिर तो हसियों की लड़ी में बात चलते रहे,
दोन� read more >>
(दोहा छंद)
नशा नाश का मूल है, इससे रहिए दूर।
मंशा पूरी हो सभी, खुशियों में हो चूर।।
नशा नाश का मूल है,इसको लगा न हाथ।
कर्म सदा अपना करें, � read more >>