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याद में गुज़र रहे हैं....
ये याद में- रह के गुज़र रहे हैं, तेरे ही बाट जोहते-देखते मेरे ये दिन और रात नैना बरस रहे हैं ये- नैना तरस रहे हैं। अब तो आ जा हे मीत- मेर�
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इस जहां के हम मुसाफ़िर रुकेंगे कहां....
इस जहां के- हम हैं एक मुसाफ़िर रुकेंगे कहां, तूही है वो मंज़िल तूही है ठिकाना यहीं से तू आया यहीं को है जाना -मोती
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चले-चल हे मुसाफ़िर....
चले-चल हे मुसाफ़िर- सारे जहां ही तुम्हारा ठीकाना, माटी ने बनाया माटी में है जाना यहीं है वो मंज़िल यहीं है वो अफ़साना -मोती
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महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि का त्यौहार आने वाला है |यह सोच कर मन गदगद हो उठता है कि इस बार कैसे माता पार्वती और भगवान शिव जी को प्रसन्न किया जाए| महाशि�
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प्रेम भरा आमंत्रण जो है....
रचना है तू मन की- एक कल्पना से भरा सपना, देख रहा हूं नज़रों में प्रेम भरा आमंत्रण जो है -मोती
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प्रेम की मह़क जो आई है....
दो दिलों में बहते- प्रेम की मह़क जो आई है! आंखों में छलकते प्यार- हरेक धड़कन में धड़कते, प्रेम की जाम जो टकराई है प्रेम की मह़क जो आई ह�
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पैसा
पैसा कमाने तो सभी कमाते हैं, मैं मान कमाने आयी हूँ । क्योंकि पैसा तो हर जगह मिलता है पर मान इंसानों के इंसानियत से हीमिलता है🙏🏻
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इंसानियत
इंसानियत वह चीज है, जो सबको अपना बना देती। कितने भी कंगाल हो पर, इस दुनिया की नगरों में अमीर बना देती है ।
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प्रकाश के क़रीब जा रहा हूं....
प्रकाश के क़रीब जा रहा हूं! इस संसार से- मैं जितना दूर जा रहा हूं, उतना ही मैं- प्रकाश के क़रीब जा रहा हूं प्रकाश के क़रीब जा रहा हूं! -म
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अपार संभावनाएं....
अपार संभावनाएं! अपार संभावनाएं- भरे हैं आपके अंदर, आप शुन्य से शुरू हो सकते हैं प्रकृति का अनमोल तोहफ़ा हैं आप विजय पताका आपके नजर हा
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आपके नज़र किया है....
आपके नज़र किया है! प्रकृति ने प्रकृति को- आपके नज़र किया है, इतने अनमोल हैं आप आपके नज़र किया है! -मोती
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आपके अंदर उजाला है....
आपके अंदर उजाला है! कितना भी अंधेरा हो- आपके अंदर उजाला है, प्रकृति का- अनमोल तोहफा हैं आप आपके अंदर उजाला है! -मोती
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