असली चमार !
सोचा आपके पास -
वक्त हो तो ,
एक चमार से मिला दूं
उस हुनर वान को-
चमार कैसे कहूं ,
चमड़े से-
सुंदर कारीगरी कर हमारी
सेवा में जू read more >>
दुआ है-
हे पीहर की तू है राजदुलारी!
तुम्हारी यादों का-
यह मेला रह-रह के गुजरता है!
हंसी और रूठने-
मनाने का हर सिल-सिला!
तुम ही तो थी घर-
� read more >>
पता नहीं क्यों दिल को यह महसूस हो रहा है कि जीवन में कुछ कमी रह गई इस कमी को पूरा करने का मैंने बहुत ही दिलों जान से प्रयास किया परंतु फिर read more >>