(गजल छंद01)
चलते चलते बोझिल होने पर ठहराव ही है जरूरी,
रहते रहते एक ही छत के नीचे बदलाव ही है जरूरी।
संसार में गम बहुत हैं इसलिए प्यार नि� read more >>
पर मैं खुश हु...........☺️
तेरी हस्ती खेलती जिंदगी को,मेरी उदासी भरी शामे मुबारक।✨🌈 मेरी छत की तीसरी मंझली से तो तू नहीं दिखता पर मेरे
दिल क read more >>
पर मैं खुश हु...........☺️
तेरी हस्ती खेलती जिंदगी को,मेरी उदासी भरी शामे मुबारक।✨🌈 मेरी छत की तीसरी मंझली से तो तू नहीं दिखता पर मेरे
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