Ranjana sharma 23 Jul 2023 ग़ज़ल दुःखद प्रेम इतना बढ़ाकर भुला क्यों दिया#google# 41760 0 Hindi :: हिंदी
प्रेम इतना बढ़ाकर भुला क्यों दिया
खुशी इतना देकर रुला क्यों दिया
ठुकराना ही था मुझे तो
बाहों में भर क्यों लिया
छोड़ के जाना ही था मुझे तो
आने का वादा क्यों किया
ओ प्यार था ही नहीं
जो तूने मुझसे किया
सब जानती थी पर
दिल तुझको ही क्यों दे दिया
तू बद्री का चांद है
दिखकर छुप जाएगा
फिर भी दिल तुझे
पूर्णिमा का चांद मान क्यों लिया
नादान नहीं थी मैं,
अंजान नहीं थी मैं
फिर आंखे मैंने मूंद क्यों लिया
तू बेवफा है जानते हुए भी
तुझे वफा का दर्जा क्यों दिया
धन्यवाद