पहले पहल जब हम चले थे ,
तब हम नंगे पांव चले थे,
घुटनों के बल घर -आंगन में ,
ठंडी_ ठंडी छांव चले थे !
जब बड़ा हुआ हारा क़िस्मत से,
तब हम सारे दा read more >>
जो खो गई थी मुझसे वह मेरी किताब थी ,
जो तुम्हें मिली नसीब से वह मेरी किताब थी ,
जो पढ़ न पाई तुमने अधूरी सी रह गई _ वह मेरे जीवन की प्यारी मे read more >>
#बहर:_2122
#काफिया:_जल/चल
#रदीफ:_रहा है।
#मिसरा:_दीप सा मन,
जल रहा है।
ताप सब घर,
जल रहा है।
कर्म ही तो,
फल रहा है।
प्रेम ही अब,
हल रहा है।
नाम read more >>
शुक्र है !मैंने तुम पर ऐतबार न की!
समय रहते ही खुद को! संभाल लिया !
जिंदगी तबाह न की !
जिस दिन से तुमको चाहा किसी
और की चाह न की?
न जाने !
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बाबा तू ही सहारा है मेरा,
ये दुनियां बड़ी मतलबी है,
इस मतलबी दुनियां में एक तू ही अपना है मेरा,
बाबा और क्यों भटकूं दर बदर मैं,
जब तेरे चर read more >>
दिन और रात का पता नहीं है
मुझे इस महीने में !
कुछ ऐसी हवा चली है !
मेरे जीवन में !
आग इतना भी ना लगाओ !
मेरी जिंदगी के इस आगन में !
कि कई बर� read more >>