न जाने मन में उठते हैं क्यों?
हजारों सवाल !
न जाने दिल क्यों?
आज कह रहा है !कह दूं मैं भी
कुछ अपने दिल का हाल!
कहने को बहुत कुछ है!
मगर जुब read more >>
न देखो पीर उर की, पर अधर की प्यास तो देखो
निहारो मत दिये को, पर शलभ की लाश तो देखो
न कहना फिर तड़प का कुछ असर होता नहीं जग में,
धरा के ताप पर read more >>
तू कल की चिंता में आज क्यों घबराता है,
जिस कल से इतना डरता है क्या वो कल कभी आता है,
सच कहूं तो कल कभी नही आता है,
हर आने वाला कल आज में ही � read more >>
रखना सीख जाती है वो हर किसी का ख्याल,
जब एक बेटी बन कर बहु जाती है ससुराल,
बिदाई पर उसकी सभी अपनो का होता है बुरा हाल,
फिर भी देते हैं उसे read more >>